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Tuesday, March 1, 2011

ज़िंदगी हसरतों के सिवा कुछ नहीं

गीतकार समीर के साथ कवि देवमणि पाण्डेय


यूनीवर्सल म्यूज़िक कं.(मुम्बई) ने गायक निर्मल उधास का ग़ज़ल अलबम बेताबी हाल ही में जारी किया है। निर्मल उधास मशहूर ग़ज़ल गायक पंकज उधास के भाई हैं और लंदन में रहते हैं। अलबम के संगीतकार अली ग़नी राजस्थान से तअल्लुक रखते हैं। इस अलबम में मेरी यह ग़ज़ल शामिल है-

देवमणि पाण्डेय की गज़ल 

  दिल ने चाहा बहुत और मिला कुछ नहीं
ज़िंदगी हसरतों के सिवा कुछ नहीं

उसने रुसवा सरेआम मुझको किया
उसके बारे में मैंने कहा कुछ नहीं

इश्क़ ने हमको सौग़ात में क्या दिया
ज़ख़्म ऐसे कि जिनकी दवा कुछ नहीं

पढ़के देखीं किताबें मोहब्बत की सब
आँसुओं के अलावा लिखा कुछ नहीं

हर ख़ुशी का मज़ा ग़म की निस्बत से है
ग़म नहीं है अगर तो मज़ा कुछ नहीं

ज़िंदगी ! मुझसे अब तक तू क्यों दूर है
दरमियां अपने जब फ़ासला कुछ नहीं


देवमणि पांडेय : 98210-82126
devmanipandey@gmail.com 

1 comment:

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

प्रिय बंधुवर देवमणि पाण्डेय जी
सादर सस्नेहाभिवादन !

एक और शानदार ग़ज़ल के लिए बधाई और आभार !
दिल ने चाहा बहुत और मिला कुछ नहीं
ज़िंदगी हसरतों के सिवा कुछ नहीं

बहुत ख़ूबसूरत मतला है जनाब ! मुबारकबाद !

पढ़के देखीं किताबें मोहब्बत की सब
आंसुओं के अलावा मिला कुछ नहीं


आहाऽऽऽ ह … ! भरपूर एहसास का शे'र है …

हर ख़ुशी का मज़ा ग़म की निस्बत से है
ग़म नहीं है अगर तो मज़ा कुछ नहीं

हर शे'र एक एक से बढ़कर है

और हां, एलबम में ग़ज़ल आने के लिए बधाई !

महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

- राजेन्द्र स्वर्णकार