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Saturday, January 12, 2013

जाने-माने कवि विनोद कुमार शुक्ल को परिवार अवार्ड



परिवार काव्य उत्सव में कवि हरिओम पवार, तेजनारायण शर्मा बेचैन, सुरेश नीरव, देवमणि पाण्डेय, डॉ. अनु सपन

कविता को असाधारण और मर्मिक बना देती है करूणा 
मुंबई में शुक्रवार 4 जनवरी 2013 को आयोजित एक साहित्य संगम में जाने माने कवि विनोद कुमार शुक्ल को साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था 'परिवार' द्वारा परिवार पुरस्कार -2012 से नवाज़ा गया। शुक्लजी को यह पुरस्कार समारोह के अध्यक्ष श्री विष्णु खरे के हाथों प्रदान किया किया गया। पुरस्कार स्वरुप श्री शुक्ल को शाल, श्रीफल, स्मृतिचिन्ह के साथ एक लाख रूपये की धनराशि भेंट की गयी। वैसे तो इस समारोह में कई जाने माने साहित्यकार उपस्थित थे परंतु एक ही मंच पर साहित्य क्षेत्र की दो महान हस्तियों- विष्णु खरे और विनोद कुमार शुक्ल को एक साथ देखना वाकई एक सुखद अनुभव था। इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए विष्णु खरे ने कहा कि कवि विनोद कुमार शुक्ल की यथार्थवादी दृष्टि में करूणा कुछ इस तरह प्रवाहित है कि वह इनकी कविता को असाधारण और मर्मिक बना देती है। उनके बिम्ब और भाषा हमारे समय की विसंगतियों को बहुत गहराई से सामने लाती है। इनकी रचनाओं मे निम्न मध्यवर्ग की त्रासदी, दुःख, यातना और हास्य बोध बहुत असरदार तरीके से अभिव्यक्त हुए हैं ।



परिवार पुरस्कार समारोह में शायर देवमणि पांडेय, कवि सुंदरचंद ठाकुर (सम्पादक नवभारत टाइम्स मुंबई), कवि विश्वनाथ सचदेव (सम्पादक नवनीत), कवि विष्णु खरे, कवि विनोद कुमार शुक्ल, संस्थाध्यक्ष रामस्वरूप गाडिया, उपाध्यक्ष निर्मल झुंझनूवाला,कवि नंदलाल पाठक और कथाकार धीरेंद्र अस्थाना (Photo : Manmohan Chaumal)

सम्मान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कवि विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि पुरस्कारों के रास्ते बहुत  ऊबड़ -खाबड़ होते हैं लेकिन श्री विष्णु खरे के मार्ग प्रशस्त कर देने से मुझ जैसे छिप कर रहने वाले कवि को परिवार पुरस्कार से सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्री विनोद कुमार शुक्ल ने अपनी चुनिंदा कवितायें सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। प्रारंभ में निर्णायक मंडल के प्रतिनिधि के रूप में श्री नंद लाल पाठक ने कहा कि श्री विनोद कुमार शुक्ल अपनी कविता में व्यक्ति की स्वतंत्रता और महत्ता को कुशलता से रेखांकित करते हैं। इस अवसर पर संस्था के महामंत्री श्री सुरेशचन्द्र शर्मा के संपादन में प्रकाशित `परिवार काव्य स्मारिका` का विमोचन नवभारत टाइम्स के संपादक श्री सुंदर चंद ठाकुर ने किया।

वरिष्ठ पत्रकार श्री विश्वनाथ सचदेव ने श्री विनोद कुमार शुक्ल की सादगी से गहरी बात कहने वाली कविताओं की प्रशंसा करते हुए इस बात को रेखांकित किया कि उन्होंने अपने दौर की कविता को परिभाषित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं कथाकार श्री धीरेन्द्र अस्थाना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। परिवार के संस्थापक अध्यक्ष श्री राम स्वररूप गाड़िया ने आभार व्यक्त किया। सोमा बनर्जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। समारोह का संचालन श्री देवमणि पाण्डेय ने किया। कवि एवं पत्रकार श्री हरि मृदुल ने सत्कार मूर्ति विनोद कुमार शुक्ल के कृतृत्व पर आलेख प्रस्तुत किया। श्री निर्मल झुनझुनूवाला, श्री सुरेन्द्र गाड़िया, श्री राकेश मुरारका, श्री अशोक अग्रवाल श्री राजेन्द्र शाह और श्री राजीव नौटियाल ने अतिथियों का स्वागत किया ।समारोह में मुम्बई महानगर के प्रमुख लेखक, कवि, पत्रकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

परिवार काव्य उत्सव
मुंबई की कला, साहित्य और संस्कृति की प्रतिनिधि संस्था परिवार की ओर से शनिवार 5 जनवरी 2013 को काव्य उत्सव का आयोजन किया गया। बिरला मातुश्री सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में कवियों ने विविधतापूर्ण रचनाएं पेश की। इनके माध्यम से समाज में व्याप्त दिक्कतों पर हमला किया गया। हरिओम पंवार (मेरठ), तेजनारायण शर्मा बेचैन (मुरैना), सुरेश नीरव (ग़ाज़ियाबाद), देवमणि पाण्डेय (मुंबई) और डॉ. अनु सपन (भोपाल) ने गीत-ग़ज़ल, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक कविताओं का पाठ किया। श्रोताओं ने देर रात तक इस कवि सम्मलेन का लुत्फ़ उठाया। काव्य उत्सव का संचालन देवमणि पाण्डेय ने किया।