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Wednesday, February 10, 2016

छोड़ दिया है साथ सभी ने

खुला मंच 15 के कलाकार (mumbai 19.12.2015)


देवमणि पांडेय की ग़ज़ल

इश्क़ में दिल का  दाम बहुत है
फिर भी दिल बदनाम बहुत है
           
छोड़ दिया है साथ सभी ने
लेकिन अब आराम बहुत है
           
दूर हूँ मैं ऐसे लोगों से
जो कहते हैं काम बहुत है

दिल के कितने छोटे निकले
जिन लोगों का नाम बहुत है

लब खामोश हैं रहने दीजै
आँखों का पैग़ाम बहुत है
                       
तलब नहीं है मुझे ख़ुशी की
ग़म का ये इनआम बहुत है
           
तुम आने वाले हो शायद 
महकी महकी शाम बहुत है

// देवमणि पांडेय //
M : 98210-82126
devmanipandey@gmail.com 
https://twitter.com/DevmaniPandey5