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Friday, January 3, 2014

छोड़ दिया है साथ सभी ने



उज्जैन के महाकाल मंदिर के प्रांगण में- संगीत समीक्षक महेश शर्मा, कवि देवमणि पांडेय, पं.द्विवेदी,संगीतकार राजेश रोशन, संयोजक केशव राय, रंगकर्मी प्रकाश बांठिया और ऋषि राय। 1.2.2014  

देवमणि पाण्डेय की गज़ल

पास में उसके दाम बहुत है
फिर भी वो बदनाम बहुत है
           
छोड़ दिया है साथ सभी ने
लेकिन अब आराम बहुत है
           
दूर हूँ मैं ऐसे लोगों से
जो कहते हैं काम बहुत है

दिल के कितने छोटे निकले
जिन लोगों का नाम बहुत है

लब खामोश हैं रहने दीजै
आँखों का पैग़ाम बहुत है
                       
तलब नहीं है मुझे ख़ुशी की
ग़म का ये इनआम बहुत है
           
तुम आने वाले हो शायद 
महकी महकी शाम बहुत है

देवमणि पांडेय : 98210-82126
devmanipandey@gmail.com 




         


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