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Friday, January 10, 2014

दिल तुम्हारा है जब चाहे आके रहो


उज्जैन की गायिकाओं के साथ संयोजक केशव राय, संचालक देवमणि पांडेय और संगीतकार राजेश रोशन


देवमणि पाण्डेय की गज़ल

ज़ख़्म जिसने कभी कोई खाया नहीं
ऐसा दिल तो ख़ुदा ने बनाया नहीं

हमने कोशिश तो की थी मगर क्या करें
दिल अभी तक उसे भूल पाय नहीं

दर्द में दिल को वो लज़्ज़तें मिल गईं
मुद्दतें हो गईं मुस्कराया  नहीं

दे रही है दुआएं मुहब्बत हमें
हमने तितली को गुल से उड़ाया नहीं

दिल तुम्हारा है जब चाहे आके रहो
इसमें रहने का कोई किराया नहीं

सिर्फ़ तेरी परस्तिश के आदी थे हमें
सर कहीं और हमने झुकाया नहीं

सायबां कुछ दुआओं का है साथ में
लोग समझे मेरे सर पे साया नहीं

देवमणि पांडेय : 98210-82126
devmanipandey@gmail.com 

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