शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

तुर्की ड्रामा सीरियल : क्या क़सूर है फ़ातिमा गुल का


तुर्की ड्रामा सीरियल फ़ातिमा गुल 

एक सीधी सादी ग्रामीण लड़की फ़ातिमा गुल से तीन अमीर लड़के दुष्कर्म करते हैं। भयंकर यातना और ख़ौफ़ से गुज़रती हुई यह लड़की अपने अस्तित्व के लिए लम्बी लड़ाई लड़ती है। अंत में सभी मुज़रिमों को सज़ा मिलती है। फ़ातिमा गुल जानलेवा दहशत से बाहर निकलती है। उसकी नफ़रत मुहब्बत में तब्दील हो जाती है। इसी मर्मस्पर्शी दास्तान पर आधारित है तुर्की ड्रामा सीरियल 'क्या क़सूर है फ़ातिमा गुल का'। 

सामूहिक दुष्कर्म जैसे नाज़ुक विषय को परदे पर पेश करना बड़ा मुश्किल काम होता है। मगर इस सीरियल का ट्रीटमेंट बहुत अच्छा है। दुष्कर्म की शिकार इस लड़की के रूप में अभिनेत्री बेरेन सात ने अविस्मरणीय अभिनय किया है। यह रोमांचक और त्रासद कथा देखने वाले को अपने साथ लेकर चलती है। 

तुर्की के मशहूर लेखक वेदात तुर्काली के उपन्यास पर आधारित 'फ़ातिमा गुल' सीरियल को हिंदू उर्दू सहित 24 देशों की 24 भाषाओं में डब किया जा चुका है। हर जगह इस सीरियल को पसंद किया गया। हिलाल सरल द्वारा निर्देशित तुर्की के इस बेहद लोकप्रिय टेलिविज़न सीरियल का प्रसारण तुर्की में 16 सितंबर 2010 से 21 जून 2012 तक 80 एपिसोड में हुआ था। हिंदी में यह 45-45 मिनट के 127 एपिसोड में उपलब्ध है। 

तुर्की सीरियल की ख़ास बात यह है कि वे लव स्टोरी में अपराध को सब्ज़ी में नमक की तरह शामिल कर लेते हैं। दोनों एक दूसरे के अपरिहार्य अंग बन जाते हैं। ऐसे तुर्की ड्रामा सीरियल प्रायः सौ एपिसोड तक अपनी कथा पूरी करते हैं। कुछ इससे भी ज़्यादा लम्बे हैं। तुर्की सीरियल में आपराधिक चरित्र पेशेवर नहीं होता। वह परिस्थिति बस अचानक अपराध की तरफ़ मुड़ता है। फिर ऐसे अपराध करता है कि दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 
तुर्की ड्रामा सीरियल में अपराध के साए में प्रेम कथा को इतनी गहनता से पेश किया जाता है कि उसके नायक नायिका की जोड़ियां बेहद लोकप्रिय हो जाती हैं। 'ब्रेव एंड ब्यूटीफुल' में सीजर और सुहान, 'दि प्रॉमिस' में आमिर और रेहान, 'दुआ' में ख़लील और मनाहिल की जोड़ियां तुर्की से बाहर के मुल्कों में भी काफ़ी पसंद की गईं। 'सवाल ए इश्क़' सीरियल में विलेन को सुपर हीरो के रूप में पेश किया गया और दर्शकों ने पसंद किया। 

तुर्की सीरियल की कहानी भले ही अंकारा, इज़मीर या अंटालिया से शुरू हो, अंतत: वह इस्तांबुल पहुंच जाती है। तुर्की का सबसे बड़ा और ख़ूबसूरत शहर है इस्तांबुल। यह उस देश की आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी सबसे बड़ा केंद्र है। इस लिए सभी तुर्की धारावाहिकों के केंद्र में इस्तांबुल होता है। 

इस्तांबुल के समंदर का किनारा साफ़ सुथरा और ख़ूबसूरत है। इसे साहिल कहा जाता है। इस्तांबुल में समंदर यातायात का भी सुंदर जरिया है। समंदर की नीली सतह पर तैरते हुए छोटे-छोटे जहाज बहुत आकर्षक दिखते हैं। इस्तांबुल शहर सात पहाड़ियों पर बसा हुआ है। इस लिए इसको "सात पहाड़ियों का शहर" कहा जाता है। हर पहाड़ी की चोटी पर एक मस्जिद है। 

कुछ लोकप्रिय तुर्की ड्रामा सीरियल एम एक्स प्लेयर पर हिंदी में निशुल्क उपलब्ध हैं। बाक़ी यूट्यूब पर मिल जाते हैं। तुर्की ड्रामा सीरियल वास्तविक लोकेशन पर शूट किए गए जाते हैं। इन सीरियलों में चरित्र, परिधान, संवाद और दृश्य सब कुछ बहुत सहज होता है। संपादन बेहद चुस्त होता है। सारे कलाकार इतनी सहजता से काम करते हैं कि ऐक्टिंग और बिहेविंग में फ़र्क़ करना मुश्किल हो जाता है। जाने पहचाने रिश्तों की संवेदना पर आधारित तुर्की धारावाहिक इसलिए देखने वालों को पसंद आते हैं। 

आपका- 
देवमणि पांडेय 

सम्पर्क : बी-103, दिव्य स्तुति, कन्या पाडा, गोकुलधाम, 
फिल्मसिटी रोड, गोरेगांव पूर्व, मुम्बई-400063, M : 98210 82126 

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